Friday, October 9, 2009

मिलावटियों पर अंकुश जरूरी

मक्सी रोड पर करोड़ों का नकली घी पकड़े जाने की कार्रवाई एक स्वागत योग्य कार्रवाई है लेकिन इस सिलसिले को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत है। दरअसल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नकली घी का जानलेवा कारोबार काफी समय से चल रहा है और प्रशासन के भ्रष्टï अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होने से इन व्यवसायियों पर नकेल नही कसी जा सकी है। यह पहला अवसर नहीं है जब मिलावटियों पर छापा मारा गया है। कुछ माह पहले गुना एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में काफी बड़ी मात्रा में नकली खोवा पकड़ा गया था लेकिन संभवत: कुछ प्रभावशाली नेताओं के हस्तक्षेप के कारण मिलावटियों पर कार्रवाई का सिलसिला अंजाम तक पहुंचने के पहले ही थम गया। इसके बाद अभी कुछ दिन पूर्व ही इंदौर में नकली घी का बड़ा स्टाक पकड़ा गया और अखबारों में इस कार्रवाई में हिस्सा लेने वाले अफसरों ने वाहवाही भी लूट ली लेकिन इक्का दुक्का कार्रवाई के बाद कतिपय कारणों से इसमें विराम लग गया। अब फिर से छापामार कार्रवाई हुई है तो लोग पूछ रहे हैं कि छापामार कार्रवाई की यह किश्त भी तो कहीं राजनीतिक एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप से रुक नहीं जाएगी। यह कोई रहस्य नहीं है कि यह अवैध कारोबार स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत एवं राजनीतिक संरक्षण के बल पर ही चलता है और इन मिलावटियों द्वारा अपने मुनाफे में से इन अधिकारियों को भी उपकृत किया जाता है। यदि इन मिलावट के इस धंधे पर अंकुश लगाया जाना है तो फिर भ्रष्टाचार के इस कुचक्र को तोडऩा जरूरी होगा। लेकिन इसकेे लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति सबसे पहली शर्त है।सवाल यही है कि राज्य सरकार इस इच्छाशक्ति का प्रदर्शन कर पाएगी। इस मामले में सरकार की परीक्षा की घड़ी करीब ही है क्योंकि दीपावली पर खोवे एवं शुद्ध घी की सबसे ज्यादा खपत होती है। स्वाभाविक रूप से व्यापारी इस अवसर पर अपना नकली स्टाक खपाने की पूरी पूरी कोशिश करेंगे। दिल्ली, मथुरा सहित मध्यप्रदेश के इससे जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों से काफी बड़ी मात्रा मेें खोवा मध्यप्रदेश में बिकने के लिए आता है अत: नकली एवं मिलावटी खोवे की प्रदेश में बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए इन क्षेत्रों पर निगाह रखी जानी चाहिए। जहां तक भोपाल की बात है तो यहां दीपावली पर 35 से 50 क्विंटल खोवे की खपत होने की संभावना है जबकि आम तौर पर यह खपत 15 से 20 क्विंटल होती है। यदि इस अवसर पर नकली खोवे एवं नकली घी को शहर में बेचने के मिलावटियों के मंसूबों को नाकाम नहीं किया गया तो फिर शहरवासियों को भी इससे इनकी सेहत पर पडऩे वाले घातक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। अत: यह वक्त का तकाजा है कि राज्य सरकार भोपाल सहित सभी जिलों के प्रशासन को पूरी तरह से मिलावटियों के खिलाफ सतर्क रहने के निर्देश दे और वक्त रहते लोगों को मिलावटियों के कहर से बचाये ताकि लोग आनंद के साथ इस ज्योति पर्व को मना सकें। इसके साथ ही मिलावटियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए रणनीति बनाई जाए और उसे अमलीजामा पहनाया जाए।
-सर्वदमन पाठक

1 comment:

  1. सही कह रहे हैं . मिलावट करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द और सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ता की जन साधारण इस के दुष्परिणामों से बचे रह सके .मैं तो कहूं की जनसाधारण सावधान हो जाये बेहतर हो की इस प्रकार की मिठाई न लेकर घर मैं ही पकवान बना लें

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